बिहार की Best Cricket Academy जहाँ सपने सच होते हैं
के एक छोटे से मोहल्ले में सोनू नाम का लड़का रहता था। बचपन से उसे क्रिकेट का बहुत शौक था लेकिन उसे यह नहीं पता था कि असली क्रिकेट कैसे सीखा जाता है। वह मोहल्ले में ही खेल लेता था और सोचता था कि एक दिन बड़ा खिलाड़ी बन जाएगा। लेकिन जब तक सही जगह और सही कोचिंग न मिले तब तक खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाता। सोनू के मन में भी यही कमी थी कि वह कहाँ जाकर सीखे और कैसे सीखे।

एक दिन उसकी मुलाकात एक ऐसे खिलाड़ी से हुई जो Patna Cricket Academy में ट्रेनिंग लेता था। उसने सोनू को बताया कि Patna Cricket Academy में नाइट प्रैक्टिस होती है, इंडोर प्रैक्टिस होती है, बॉलिंग मशीन से ट्रेनिंग दी जाती है और यहां का कोचिंग वेयर इतना मजबूत है कि हर बच्चा दिन ब दिन बेहतर बनता जाता है। उसने यह भी कहा कि Patna Cricket Academy को लोग best Cricket Academy कहते हैं और यही वजह है कि यहां के खिलाड़ी हर जगह नाम कमाते हैं।
सोनू के मन में excitement बढ़ गया। उसने तय किया कि वह एक बार Patna Cricket Academy जरूर जाएगा। अगली सुबह वह वहां पहुंचा और अंदर का माहौल देखकर हैरान रह गया। बच्चे उत्साह से प्रैक्टिस कर रहे थे, लड़कियां भी बड़े confidence से नेट में बैटिंग कर रही थीं। उसे तुरंत लगा कि यही वह जगह है जहां से उसके क्रिकेट का असली सफर शुरू होगा। उसे यह जानकर और अच्छा लगा कि Patna Cricket Academy को लोग best Cricket Academy for the girls भी कहते हैं क्योंकि यहां लड़कियों की ट्रेनिंग भी उतनी ही दमदार होती है जितनी लड़कों की।

उस दिन सोनू ने कोचिंग शुरू की और धीरे धीरे उसे समझ में आने लगा कि एक अच्छे खिलाड़ी को क्या क्या चाहिए। उसे पता चला कि सिर्फ दौड़ लेने से खिलाड़ी नहीं बनता बल्कि सही फिटनेस, सही डाइट, सही टाइम टेबल और नियमित प्रैक्टिस जरूरी होती है। Patna Cricket Academy में कोच उसे बार बार कहते थे कि बेटा मेहनत से बड़ा कोई शॉर्टकट नहीं होता। अगर खेलना है तो समर्पण भी दिखाना पड़ेगा।
सोनू का मन और बढ़ गया जब उसने देखा कि नाइट प्रैक्टिस में भी खिलाड़ियों को मौका मिलता है। इंडोर प्रैक्टिस में बारिश के समय भी बच्चे खेल सीखते हैं। बॉलिंग मशीन से तेज गेंदबाजी का अभ्यास होता है जिससे खिलाड़ी की बैटिंग दिन प्रतिदिन निखरती है। उसे यह देखकर भी काफी प्रेरणा मिली कि प्रैक्टिस के बाद बच्चों को सर्टिफिकेट भी दिया जाता है जिससे आगे ट्रायल में बहुत फायदा मिलता है।
धीरे धीरे सोनू का खेल बदलने लगा। वह पहले से ज्यादा शार्प हो गया। उसकी फिटनेस बढ़ गई, उसकी बैटिंग में टच आ गया, और उसकी गेंदबाजी में भी सुधार होने लगा। वह रोज कहता था कि सच में Patna Cricket Academy best Cricket Academy है। उसके माता पिता यह देखकर खुश थे कि उनका बेटा अब सिर्फ खेलने नहीं बल्कि सीखने भी लगा है। गांव के लोग भी कहते थे कि अगर बच्चा कहीं से सीखेगा तो Patna Cricket Academy से ही सीखेगा क्योंकि यह best Cricket Academy for the girls और बच्चों दोनों के लिए एकदम सही जगह है।

उसी अकादमी में कई लड़कियां भी थीं जो बहुत आत्मविश्वास से ट्रेनिंग कर रही थीं। लड़कियों को देखकर सोनू को और मोटिवेशन मिलता था क्योंकि यह जगह किसी के साथ भी अलग व्यवहार नहीं करती थी। हर खिलाड़ी को एक जैसा सम्मान और एक जैसी ट्रेनिंग मिलती थी। यही कारण है कि लोग Patna Cricket Academy को best Cricket Academy for the girls in Bihar Patna कहते हैं।
दिन बीतते गए और सोनू अब एक मजबूत खिलाड़ी बन चुका था। उसके कोच ने कहा कि बेटा अब तुम ट्रायल देने के लायक हो चुके हो। उसके अंदर खुशी का ठिकाना नहीं था। वह जानता था कि अगर उसने यह फैसला न किया होता कि Patna Cricket Academy आएगा, तो उसका खेल कभी नहीं बदलता। वह हमेशा कहता है कि अगर कोई बच्चा या लड़की अपने सपने को सच करना चाहता है तो Patna Cricket Academy ही सही जगह है।
Patna Cricket Academy ना सिर्फ एक क्रिकेट सीखने की जगह है बल्कि यह जिंदगी बदलने का मौका देती है। यहां का माहौल खिलाड़ी को मजबूत बनाता है, यहां की कोचिंग खिलाड़ी को तैयार करती है और यहां का अनुशासन खिलाड़ी को असली जीवन का अर्थ समझाता है।
इसलिए आज भी लोग कहते हैं कि Patna Cricket Academy ही बिहार का best Cricket Academy है और यह हर बच्चे और हर लड़की के लिए सबसे सही जगह है।