लोअर बॉडी एक्सरसाइज का महत्व क्रिकेट में सफलता
आज पटना क्रिकेट अकादमी में हम बात करने जा रहे हैं उस चीज़ की, जो हर खिलाड़ी की ताकत की असली नींव होती है – लोअर बॉडी एक्सरसाइज यानी पैरों की कसरत। क्रिकेट में बहुत से खिलाड़ी बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी या फिटनेस पर ध्यान देते हैं, लेकिन असली ताकत कहाँ से आती है, यह बहुत कम लोग समझते हैं। यह ताकत हमारे पैरों से आती है।

कहानी की शुरुआत होती है अकादमी के एक युवा खिलाड़ी से, जो हर दिन नेट पर जमकर बल्लेबाज़ी करता था। उसका बैटिंग टाइमिंग बहुत अच्छा था, लेकिन जब वह लंबी इनिंग खेलता, तो उसके पैर जल्दी थक जाते थे। रन लेने में उसकी स्पीड कम हो जाती थी, और आख़िरी ओवरों में उसके शॉट में दम नहीं रह जाता था।
कोच ने उसे बुलाया और कहा, “तुम्हारा खेल अच्छा है, लेकिन तुम्हारे पैर तुम्हारे साथ नहीं दे रहे। क्रिकेट में सिर्फ हाथ नहीं चलते, पैर भी सोचते हैं। अगर पैर मजबूत होंगे, तो पूरा शरीर तुम्हारे इशारों पर चलेगा।”
फिर खिलाड़ी ने कोच की सलाह पर रोज़ सुबह लोअर बॉडी एक्सरसाइज शुरू की – स्क्वैट्स, लंजेस, डेडलिफ्ट, कैफ रेज़ और जंपिंग एक्सरसाइज। शुरू में मांसपेशियों में दर्द हुआ, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद फर्क दिखने लगा। अब जब वह दौड़ता था, तो पहले से ज्यादा तेज़। जब वह शॉट खेलता था, तो शरीर का संतुलन बेहतरीन रहता था। गेंद हवा में इतनी ताकत से जाती थी कि देखने वाले हैरान रह जाते थे।

धीरे-धीरे उसे एहसास हुआ कि क्रिकेट सिर्फ हाथ का खेल नहीं है, बल्कि पैरों की एक्सरसाइज का भी उतना ही योगदान है। बल्लेबाज़ी में पैर का मूवमेंट टाइमिंग को सही करता है, गेंदबाज़ी में पैरों की ताकत स्पीड बढ़ाती है, और फील्डिंग में यही पैर तेज़ी और चपलता लाते हैं।
लोअर बॉडी एक्सरसाइज न केवल ताकत देती है, बल्कि चोटों से बचाती भी है। क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए एक्सरसाइज मजबूत पैर खिलाड़ी को लंबे समय तक फिट रखते हैं और मैदान पर उसका आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।
पटना क्रिकेट अकादमी में हर कोच यही सिखाता है कि सफलता सिर्फ बैट या बॉल में नहीं, बल्कि उस नींव में छिपी है जिस पर पूरा शरीर खड़ा है। अगर पैर मजबूत हैं, तो खिलाड़ी हर परिस्थिति में टिक सकता है — चाहे पिच स्लो हो या बाउंसी, या फिर मैच कितना भी लंबा क्यों न चले।

इसलिए हर खिलाड़ी को यह समझना चाहिए कि क्रिकेट में सफलता की शुरुआत पैरों से होती है। जब पैर मजबूत होंगे, तभी शॉट में ताकत होगी, थ्रो में धार होगी, और स्प्रिंट में गति होगी।
लोअर बॉडी एक्सरसाइज ही वह अदृश्य शक्ति है जो एक सामान्य खिलाड़ी को असाधारण बना देती है। यही वह नींव है जिस पर क्रिकेट की पूरी इमारत खड़ी है, और यही वह ताकत है जो हर खिलाड़ी को आगे बढ़ाती है — मैदान में भी और जीवन में भी।